ब्रेकिंग
शहर के विभिन्न वार्डों में विकास कार्यों की सौगात, महापौर ने किया भूमिपूजन उत्तर भारत प्राकृतिक अध्ययन हाईक के लिए दुर्ग से 5 सदस्यीय स्काउटर-गाइडर दल रवाना छत्तीसगढ राज्य की अन्य पिछ़ड़ा वर्ग की केन्द्रीय सूची में अहीर‘‘ के उपरांत ‘‘ रावत‘‘ एवं अंग्रे... जमीन सौदे में बड़ा फर्जीवाड़ा, 25 लाख से अधिक की धोखाधड़ी के आरोप में दो पर FIR विकास कार्यों की सौगात: महापौर ने तीन वार्डों में सड़क, नाली और पुलिया निर्माण कार्यों का किया भूमिप... अब कम होगा ईंधन खर्च! भारत में आया E85 फ्लेक्स फ्यूल, जेब पर पड़ेगा कम बोझ सिर्फ 15 साल की उम्र में टीम इंडिया का टिकट, वैभव सूर्यवंशी ने रचा नया कीर्तिमान केशकाल घाट फोरलेन बायपास निर्माण में ढिलाई पर नाराज हुए अरुण साव, समय पर काम पूरा करने के निर्देश महंगाई भत्ते की मांग को लेकर 10 जून को प्रदर्शन, कर्मचारियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचने की अपील मंत्री गजेन्द्र यादव से मिलीं महिला मोर्चा की नवनियुक्त पदाधिकारी, जताया आभार
देश

सिद्धिविनायक मंदिर में ड्रेस कोड लागू, स्कर्ट व कटे-फटे कपड़े पहनने पर नहीं मिलेगी एंट्री

मुंबई: मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में आज से ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत, मंदिर में प्रवेश के लिए श्रद्धालुओं को स्कर्ट, कटे-फटे कपड़े और रिवीलिंग ड्रेस पहनकर आना मना रहेगा। मंदिर प्रशासन के इस फैसले का भक्तों ने स्वागत किया है और इसे सही दिशा में उठाया गया कदम बताया है।

गुरुवार सुबह दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने ड्रेस कोड की तारीफ करते हुए इसे एक अच्छा निर्णय बताया। श्रद्धालु पुष्पा ने कहा, “अगर हम हिंदू संस्कृति का पालन करते हैं, तो देवी-देवताओं का भी सम्मान करना चाहिए। मंदिरों में ड्रेस कोड का पालन होना चाहिए, जैसे गुरुद्वारे, दरगाह और चर्च में होता है।” उन्होंने सभी से अपील की कि वे भारतीय संस्कृति से जुड़े वस्त्र पहनकर ही मंदिर में दर्शन करने आएं।

एक अन्य श्रद्धालु जयश्री देसाई ने कहा, “आज के समय में युवाओं के बीच फैशन का क्रेज बढ़ रहा है, ऐसे में ड्रेस कोड लागू करना बेहद जरूरी था। यह फैसला सही दिशा में लिया गया है।”

सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी ने इस कदम को श्रद्धालुओं के सुझावों के आधार पर लिया गया निर्णय बताया। उन्होंने कहा, “सिद्धिविनायक मंदिर दुनिया भर के सनातनी और गणेश भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है। जब लोग पवित्र स्थलों पर जाते हैं, तो वहां के नियमों का पालन करना जरूरी होता है, ताकि स्थान की पवित्रता बनी रहे।”

इस निर्णय के बाद, मंदिर प्रशासन का मानना है कि इस कदम से मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था और श्रद्धा और बढ़ेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button